आगरा: जिले में 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस मनाया गया। इस अवसर पर द्वितीय और तृतीय तिमाही की गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई।
गर्भवती महिलाओं को जांच, आयरन व कैल्शियम की गोलियां, टीकाकरण, परामर्श और परिवार नियोजन से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। पीएमएसएमए का उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए गर्भवती को गुणवत्तापूर्ण और व्यापक प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराना है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रसवपूर्व जांच में एनीमिया की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। गर्भावस्था के दौरान चार बार जांच कराना आवश्यक है। डिप्टी सीएमओ आरसीएच डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती का टीकाकरण, आयरन और कैल्शियम की गोलियों का वितरण, अल्ट्रासाउंड, यूरिन, हीमोग्लोबिन, शुगर, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, सीबीसी, एचआईवी और टीबी जैसी जांच की गई। साथ ही दंपतियों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में भी जानकारी दी गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज ने बताया कि 118 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई, जिसमें 12 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिन्हित कर संदर्भित की गईं।
एलएमओ डॉ. वनिन्दर कौर ने बताया कि धात्री महिलाओं में एनीमिया की जांच और प्रबंधन बहुत जरूरी है, क्योंकि लगभग हर दूसरी गर्भवती महिला इससे प्रभावित होती है। प्रसव के 24-48 घंटे के अंदर तथा डिस्चार्ज से पूर्व सभी धात्री महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच करना आवश्यक है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकोला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर 90 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें छह उच्च जोखिम वाली महिलाओं को चिन्हित कर संदर्भित किया गया। इस दौरान लेडी मेडिकल ऑफिसर ने जन्म योजना और संस्थागत प्रसव से संबंधित लाभों के बारे में भी जानकारी दी।
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