समीक्षा के दौरान सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रिपोर्ट में “सी” ग्रेड अथवा खराब श्रेणी में आने वाले इंडिकेटर्स और विभागों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि योजनाओं और कार्यों में गुणात्मक सुधार लाते हुए बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों के संचालन और क्रियान्वयन में शिथिलता के कारण सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ओडीओपी योजना की समीक्षा की गई, जिसमें “डी” ग्रेड प्राप्त होने पर संबंधित विभाग से कारण स्पष्ट करने को कहा गया। विभाग की ओर से बताया गया कि जनवरी माह में प्रशिक्षण देने वाली संस्था नामित कर दी गई है और प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद टूलकिट वितरण कर लक्ष्य की प्राप्ति कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा में “सी” ग्रेड मिलने पर समाज कल्याण विभाग ने बताया कि शुभ मुहूर्त न होने के कारण लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं, जिन्हें फरवरी माह में पूरा कर लिया जाएगा।
छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा में प्री व पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (अल्पसंख्यक) में “सी” ग्रेड, अन्य पिछड़ा वर्ग में “बी” ग्रेड तथा डी-एनआरएलएम में “डी” ग्रेड मिलने पर संबंधित अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर माह में आवेदन की तिथि बढ़ने से कुछ प्रकरण लंबित रह गए थे, जिन्हें शीघ्र निस्तारित कर दिया जाएगा। फैमिली आईडी योजना की समीक्षा में “सी” ग्रेड मिलने पर बताया गया कि कोटेदारों, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य के सापेक्ष फैमिली आईडी कार्य पूर्ण किया जाएगा।
बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर नल, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य योजना, निपुण परीक्षा आकलन, ऑपरेशन कायाकल्प, मध्यान्ह भोजन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, नई सड़कों के निर्माण और मरम्मत जैसे फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बीडीओ से समन्वय कर निराश्रित गो-आश्रय स्थलों का स्वयं निरीक्षण करें तथा ठंड से बचाव, भूसा, चारा, पानी और गोवंशों के स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि प्राप्त हो चुकी है, उनका कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा कराया जाए। कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए कि समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करें, क्योंकि देरी से परियोजनाओं की लागत बढ़ जाती है।
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी संदर्भों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। शिकायतों के समाधान में मौके का निरीक्षण, आवेदक से संवाद और समस्या के वास्तविक समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में डीसी एनआरएलएम, पीडी डीआरडीए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, पंचायतराज अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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