आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के इंस्टीट्यूट ऑफ होम साइंस के गृह प्रबंधन विभाग द्वारा पिडिलाइट के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय हस्तकला कार्यशाला का शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल में सफल समापन हुआ।
कार्यशाला का आयोजन कुलपति आशु रानी के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि इसका संचालन प्रीति यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं के साथ छात्रों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
समापन दिवस पर प्रतिभागियों को पेंच वर्क, पुराने और अनुपयोगी कपड़ों से टोट बैग निर्माण, कुशन कवर पर टाई एंड डाई और ब्लॉक प्रिंटिंग, तथा गृह सज्जा में रंगों के रचनात्मक उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इसके साथ ही साधारण बाजारू थैलों से फैंसी चूड़ियां तैयार करने जैसी तकनीकों से कम लागत में आकर्षक उत्पाद बनाने के गुर भी सिखाए गए।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि रोजमर्रा की बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से कम समय में उपयोगी और सुंदर उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इन कौशलों के माध्यम से न केवल घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाई जा सकती हैं, बल्कि स्वरोजगार और स्टार्टअप की दिशा में भी ठोस शुरुआत संभव है।
आयोजकों ने बताया कि कार्यशाला के पहले दो दिनों में प्रतिभागियों को विभिन्न हस्तकला तकनीकों, डिजाइनिंग और फिनिशिंग से परिचित कराया गया था, जिससे समापन दिवस की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रहीं।
संयोजक प्रीति यादव ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों और छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ही कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता रही।
कुलपति आशु रानी ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर शिक्षकों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम और आत्मविश्वासी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए रचनात्मक उत्पादों की सराहना की गई और उन्हें इन कौशलों को आगे भी अपनाकर नवाचार और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया गया।
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