Agra News : आगरा के पर्यावरण संतुलन में खनुआ बांध की निर्णायक भूमिका

आगरा। आगरा जनपद का फतेहपुर सीकरी विकास खंड राजस्थान से आने वाली धूलभरी हवाओं का प्रवेश द्वार बनता जा रहा है। इसके चलते अति सूक्ष्म धूल कण (एसपीएम) लगातार ताजमहल सहित आसपास के क्षेत्रों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों से कैंप कार्यालय में हुई चर्चा के दौरान कही।

Khannua Dam in Agra supporting groundwater recharge under Taj Trapezium Zone

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव को पत्र लिखकर तेरहमोरी बांध की मरम्मत और उसे पुनः सुचारू करने का आग्रह किया है। साथ ही ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण के अध्यक्ष मंडलायुक्त आगरा से भी आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। 3 फरवरी 2026 को लिखे पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि राजस्थान की ओर से आने वाली तेज धूलभरी हवाओं के साथ सूक्ष्म कण ताजमहल के अलावा फतेहपुर सीकरी, अछनेरा और अकोला विकास खंडों के लिए भी घातक साबित हो रहे हैं।

Water reservoir at Khannua Dam in Agra for environmental protection
खनुआ बांध

ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रहे फीडबैक को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने वायु में मौजूद एसपीएम कणों का सर्वेक्षण कराने और उनसे बचाव की ठोस कार्यनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि हवाओं के साथ 2.5 माइक्रोन आकार के धूल कण आ रहे हैं तो यह जनस्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और इन्हें रोकने के लिए सिंचाई विभाग को प्रभावी कदम उठाने होंगे।

उन्होंने बताया कि फतेहपुर सीकरी विकास खंड में स्थित लगभग 13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला तेरहमोरी बांध एक महत्वपूर्ण जल संरचना है और वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल फतेहपुर सीकरी स्मारक का अभिन्न हिस्सा भी है। खारी नदी पर बना यह बांध सदियों से मानसून के जल का संचय और नियंत्रित निस्तारण करता रहा है, लेकिन वर्तमान में इसके गेट और मूल संरचना क्षतिग्रस्त हैं। मरम्मत के बाद इसके संचालन से पूरे क्षेत्र में भूजल स्तर और हरियाली में सुधार संभव है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जनपद में भूजल रिचार्ज के लिए उटंगन नदी का स्रोत खनुआ बांध अत्यंत महत्वपूर्ण है। करीब 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह बांध ताज ट्रिपेजियम जोन की सबसे बड़ी जल संरचनाओं में शामिल है। इसमें राजस्थान की गंभीर नदी का पानी आता है, लेकिन वर्तमान में प्रवाह अवरुद्ध होने से बांध में जल स्तर गिरा हुआ है। इस संबंध में भी मंडलायुक्त आगरा से निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण के संज्ञान में लाया जाएगा, क्योंकि हरियाली और भूजल संरक्षण इस जोन की प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि खनुआ और तेरहमोरी जैसे प्रमुख बांध जलविहीन रहेंगे तो नदियों का प्रवाह और भूजल स्तर प्रभावित होना स्वाभाविक है।

सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि पर्याप्त वर्षा के बावजूद कई विकास खंडों में भूजल स्तर में सुधार नहीं हो सका है, जिससे हरियाली और खेती दोनों प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तेरहमोरी बांध भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूची में दर्ज महत्वपूर्ण जल संरचना है और इसके संरक्षण व मरम्मत के लिए एएसआई अनुमति देने को तैयार है।

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