फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव रिहावली के जंगल में शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क गई, जिसने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी तेजी से फैल गई कि लगभग 50 बीघा जंगल में खड़े पेड़-पौधे पूरी तरह जलकर राख हो गए। तेज हवा के चलते ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं।
जानकारी के अनुसार आग शनिवार दोपहर करीब एक बजे अचानक भड़क उठी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर धूल-मिट्टी डालकर और छड़ियों की मदद से आग को रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग तेजी से जंगल में फैलती चली गई। ग्रामीण रमाकांत ने बताया कि यह तीसरी बार है जब रिहावली के जंगल में अज्ञात कारणों से आग लगी है। पिछले वर्षों में लगभग 300 से 400 बीघा जंगल में खड़े पेड़-पौधे आग की भेंट चढ़ चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल तक पक्का रास्ता न होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर मौके तक नहीं पहुंच पाती हैं। इस वजह से आग पर समय रहते काबू पाना कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जंगल तक पहुंचने और आग बुझाने के लिए उचित सड़क एवं सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदा से जंगल और आसपास के गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस आग के कारण न केवल पेड़-पौधों का व्यापक नुकसान हुआ है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। आग के चलते जंगल के अंदर पक्षियों, छोटे जीव-जंतुओं और वन्यजीवों की जान भी खतरे में पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार जंगलों में आग लगना न केवल स्थानीय पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि क्षेत्र की जलवायु और कृषि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि जंगलों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई जाए और आग लगने की समय रहते सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और अन्य राहत टीमों को तुरंत मौके पर पहुंचाया जाए। साथ ही, आग लगने के कारणों का अध्ययन कर इसके पीछे किसी मनमानी या लापरवाही की संभावना को भी तूल दिया जाना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर अपनी टीमें भेजी। हालांकि, आग की तीव्रता और तेज हवाओं के कारण शुरुआती प्रयासों में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर सतर्क रहें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
इस भीषण आग की घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना अब समय की जरूरत बन चुका है। यदि उचित इंतजाम और सुरक्षा उपाय समय रहते नहीं किए गए, तो भविष्य में जंगलों में आग जैसी घटनाएं और भी अधिक व्यापक रूप ले सकती हैं, जिससे न केवल पेड़-पौधों, बल्कि स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
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