आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IET) में भारतीय इम्पैक्ट समिट 2026 के तहत 2 फरवरी से 9 फरवरी 2026 तक “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सप्ताह” का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशू रानी के मार्गदर्शन एवं संस्थान के निदेशक प्रो. मनुप्रताप सिंह के कुशल संयोजन से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन (2 फरवरी) नवोन्मेषी विचार प्रस्तुति का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट सिटी, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक प्रबंधन में AI के उपयोग पर अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए।
दूसरे दिन (3 फरवरी) AI संसाधनों के लोकतंत्रीकरण पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों, वंचित समुदायों और छोटे उद्यमों तक AI तकनीक की पहुंच और ओपन-सोर्स टूल्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म एवं डिजिटल साक्षरता की भूमिका पर चर्चा हुई।
तीसरे दिन (4 फरवरी) वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें “सुरक्षित एवं विश्वसनीय AI” विषय पर विद्यार्थियों ने डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, एल्गोरिदमिक पक्षपात, रोजगार और नैतिक उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों पर तर्क प्रस्तुत किए।
चौथे दिन (5 फरवरी) AI उपकरणों पर कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, चैटबॉट निर्माण, इमेज प्रोसेसिंग और जनरेटिव AI जैसे उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
पाँचवे दिन (6 फरवरी) वैचारिक मंथन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें AI के भविष्य, मानव-मशीन संबंध, सामाजिक परिवर्तन और नैतिक मूल्यों पर विचार विमर्श हुआ।
षष्ठम दिन (7 फरवरी) क्विज़ और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने AI के इतिहास, सिद्धांत और सामाजिक, शैक्षिक एवं औद्योगिक प्रभावों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
समापन दिवस (9 फरवरी) पर रचनात्मक एवं सृजनात्मक चुनौतियों का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने AI आधारित मॉडल, प्रोटोटाइप और डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए।
AI सप्ताह ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ जिम्मेदार और संवेदनशील तकनीकी नागरिक बनने की प्रेरणा दी। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग तभी सार्थक है जब वह मानव कल्याण, सामाजिक न्याय और सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप हो। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार-उन्मुख दृष्टिकोण और तकनीकी प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया और विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, नवीन दृष्टिकोण और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच का संचार किया।



