फतेहाबाद। जमीन की रजिस्ट्री में पैन कार्ड को अनिवार्य किए जाने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को फतेहाबाद तहसील के अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर दी। हड़ताल के चलते तहसील परिसर में रजिस्ट्री का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे न केवल आम लोगों को परेशानी हुई बल्कि सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। |
| रजिस्ट्री में पैन कार्ड के अनिवार्यता को लेकर हड़ताल करते अधिवक्ता |
अधिवक्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके पास पैन कार्ड नहीं है। ऐसे में रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड की अनिवार्यता से आम ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार, जहां पहले प्रतिदिन 50 से 70 रजिस्ट्रियां होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 20 रह गई है। इनमें भी पैन कार्ड से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि पैन कार्ड की अनिवार्यता को वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो।
हड़ताल के दौरान तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर रमाकांत शर्मा, सुरेंद्र पैगोरिया, मोहन सिंह गुर्जर, दिनेश गुर्जर, महेश पाठक, दिनेश पाठक, दिनेश शर्मा, उमाशंकर शर्मा, महेश चंद्र पालीवाल, सुभाष शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्यालय में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और कामकाज ठप रहा।
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