आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में शुक्रवार, को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण से हुई।
माल्यार्पण विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने किया और कहा कि शिक्षा के माध्यम से अंत्योदय की भावना को सशक्त बनाया जा सकता है तथा विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम में पं. दीनदयाल उपाध्याय की भतीजी डॉ. मधु शर्मा और डॉ. माला शर्मा ने भी पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर पंडित जी के व्यक्तित्व, उनके शैक्षिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर सारगर्भित विमर्श किया गया। संस्थान में पंडित जी की अंकतालिकाओं और राष्ट्रोन्नति से जुड़े उनके योगदान को संरक्षित करने की रूपरेखा पर भी विचार हुआ।
डॉ. मधु शर्मा ने बताया कि उन्होंने पंडित जी को समर्पित पुस्तक “पं. दीनदयाल उपाध्याय: राजनीति की पाठशाला” में उनके जीवन, बाल्यावस्था और विचारों की प्रासंगिकता को भावी पीढ़ी के मार्गदर्शन हेतु प्रस्तुत किया है। उन्होंने पंडित जी के मंत्र “प्रकृति का दोहन नहीं, संरक्षण करो” को मूर्त रूप देने के लिए संस्थान में प्लास्टिक और पॉलीथिन रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज राठौर ने संकलित दो पुस्तकें डॉ. मधु शर्मा और डॉ. माला शर्मा को भेंट कीं। इस अवसर पर प्रो. अरशद, प्रो. एस.के. जैन, डॉ. आभा सिंह, डॉ. आयुष मंगल, डॉ. तपस्या चौहान, डॉ. भरत सिंह, डॉ. नीरज कुशवाहा, डॉ. रेखा माथुर, डॉ. राधिका गोयल, माधुरी कौशिक, नम्रता, अजय राजपूत, शिव सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कार्यक्रम की सारगर्भितता और छात्रों में शिक्षा के माध्यम से अंत्योदय की भावना को सशक्त करने के प्रयास की सराहना की। डॉ. मधु शर्मा ने पंडित जी के विचारों से प्रेरित प्रधानमंत्री की राष्ट्रोन्नति योजनाओं का उल्लेख करते हुए समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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