आगरा। रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना भक्ति दिवस मनाया: यमुना मैया की दुर्दशा पर गहरी चिंता जताई के संदेश के साथ शनिवार शाम यमुना आरती स्थल पर श्रद्धा और उत्साह के बीच विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान यमुना मैय्या को गुलाब के फूल अर्पित किए गए तथा गोस्वामी नंदन श्रोतरीय ने विशेष यमुना आरती का संचालन किया। आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और जल संकट की ओर जनमानस का ध्यान आकर्षित करने का सशक्त माध्यम भी बना।

रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रमुख बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा शहर की जीवन रेखा यमुना नदी आज गंभीर संकट से जूझ रही है। दिल्ली से आने वाले अनुपचारित नालों का गंदा पानी आगरा तक पहुंच रहा है, जिससे नदी में सफेद झाग, रासायनिक प्रदूषण और प्लास्टिक कचरे की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में यमुना की जल गुणवत्ता लगातार गिरती गई है। बॉडी (BOD) स्तर ऊंचा है, घुलित ऑक्सीजन (DO) लगभग शून्य के करीब पहुंच चुकी है, जबकि अमोनिया और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक पाया जा रहा है। आगरा में नदी अब बहते गंदे नाले जैसी प्रतीत होती है, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र, मत्स्य जीव और आसपास के निवासियों का स्वास्थ्य खतरे में है। ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्मारक के किनारे यमुना की यह स्थिति अत्यंत दुखद है।
पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने योगी सरकार से मांग की कि आगरा क्षेत्र में प्रस्तावित बैराज निर्माण कार्य को अविलंब शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित यह परियोजना नदी में जल प्रवाह बढ़ाने, प्रदूषण को कम करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता के कारण यमुना की सेहत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। नामामी गंगे कार्यक्रम के तहत आगरा में कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शुरू किए गए हैं, लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। नदी को बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जल प्रवाह प्रबंधन और प्रदूषण स्रोतों पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज नंदवंशी, रंजन शर्मा, निधि पाठक, पद्मिनी अय्यर, शाहतोष गौतम और मुकेश चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने यमुना मैय्या को पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने सरकारों से अपील की कि वे अपने वादों को पूरा करें और धर्म, आस्था तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं, ताकि यमुना पुनः स्वच्छ, निर्मल और जीवनदायिनी बन सके।
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने स्पष्ट किया कि वह आगरा की यमुना को बचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा और जन-जागरण अभियानों के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाता रहेगा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यमुना की स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर इस जीवनदायिनी नदी nके संरक्षण की दिशा में निर्णायक पहल करनी होगी।
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