आगरा। सिविल एयरपोर्ट आगरा पर हवाई यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अर्जुन नगर गेट से सिविल एयरपोर्ट के ट्रांजिट लाउंज तक कवर्ड पाथवे के निर्माण के बाद यात्रियों का आवागमन अधिक सुविधाजनक हो गया है।
इसके साथ ही एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और मौजूदा क्षमता से लगभग छह गुना अधिक उपयोग हो रहा है।सिविल एयरपोर्ट पर अर्जुन नगर गेट से ट्रांजिट लाउंज तक लगभग एक फुट ऊंचा कवर्ड पैदल मार्ग तैयार किया गया है। यह मार्ग मानसून के दौरान बारिश से तथा मई–जून के महीनों में तेज धूप से यात्रियों को राहत देगा।
एयरपोर्ट निदेशक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि कवर्ड पाथवे के साथ-साथ जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कई स्थानों पर क्रॉस पाइप भी डलवाए गए हैं, जिससे वर्षा के दौरान होने वाली असुविधा लगभग समाप्त हो गई है।
एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि सीमित एयर कनेक्टिविटी के बावजूद वर्तमान में एयरपोर्ट पर प्रतिदिन लगभग 1500 यात्रियों का फुटफॉल दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल यहां से केवल चार शेड्यूल्ड उड़ानों का संचालन हो रहा है। आगरा, मथुरा सहित आसपास के जनपदों में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने से नए रूटों की मांग सामने आ रही है, जिनसे संबंधित अनुरोध पत्र एयरलाइंस को भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस मुंबई और बेंगलुरु रूट पर 220 यात्रियों की क्षमता वाले ए-321 विमान का संचालन कर रही है और ये उड़ानें पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं। सीमित पार्किंग क्षमता के कारण एयरक्राफ्ट को अब पुशबैक तकनीक से टैक्सी ट्रैक तक ले जाया जा रहा है, जिससे संचालन में सुविधा मिल रही है।
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि आगरा एयरपोर्ट की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले वर्ष जहां संचालन पर लगभग 21 करोड़ रुपये का व्यय हुआ था, वहीं आय 16 करोड़ रुपये रही। चालू वित्तीय वर्ष में इसमें और सुधार की संभावना है। उन्होंने बताया कि आगरा एक कस्टम एयरपोर्ट है और यहां विदेशी चार्टर फ्लाइटों के लिए ऑन-डिमांड कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है।
धनौली में निर्माणाधीन नए एयरपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि इसके 2027 से पहले चालू होने की उम्मीद है। साथ ही खेरिया एयरपोर्ट से धनौली तक आगरा–जगनेर रोड पर जलभराव रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई है। मैट्रो रेल के विस्तार को भी नए एयरपोर्ट तक बढ़ाए जाने का सुझाव दिया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।
अर्जुन नगर गेट से ट्रांजिट लाउंज तक यात्रियों के आवागमन के लिए नगर परिवहन विभाग की ओर से चार इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं, जिनका किराया 50 रुपये प्रति यात्री है। यात्रियों की असंतुष्टि को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी इस शुल्क को समाप्त कराने के लिए परिवहन कंपनी से बातचीत कर रही है।
अर्जुन नगर गेट के बाहर टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों पर एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे जिला प्रशासन के संज्ञान में लाने और किराया सूची का बोर्ड लगाने का सुझाव दिया है।
इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर केवल इंडिगो की उड़ानें संचालित हो रही हैं। मौजूदा ढांचे में 250 यात्रियों की हैंडलिंग क्षमता के मुकाबले लगभग छह गुना अधिक यात्रियों का उपयोग हो रहा है। अतिरिक्त विमान उपलब्ध होने पर आगरा की एयर कनेक्टिविटी और बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही एयर कार्गो और लॉजिस्टिक सेवाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों ने कहा कि आगरा एयरपोर्ट प्रदेश के उन चुनिंदा हवाई अड्डों में शामिल है जहां नियमित चार्टर फ्लाइटें आती हैं, जिनमें लगभग 40 प्रतिशत विदेशी होती हैं। कुल फुटफॉल में करीब 30 प्रतिशत विदेशी पर्यटक शामिल हैं। उन्होंने पर्यटन और आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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