आगरा। अब वाहन संबंधी कामों के लिए लोगों को बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बना दिया है। वाहन से जुड़े सभी फॉर्म अब घर बैठे ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। फॉर्म भरने और साइन करने के बाद आवेदक को कार्यालय से मिले तय समय स्लॉट पर ही आरटीओ पहुंचना होगा।
यह काम लोग खुद या साइबर कैफे के माध्यम से कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से धोखाधड़ी की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। परिवहन विभाग की 44 सेवाओं को फेसलेस कर दिया गया है। यानी इन सेवाओं के लिए अब आमने-सामने जाने की जरूरत नहीं होगी और ऑनलाइन माध्यम से ही वाहन संबंधी कार्य पूरे किए जा सकेंगे। इससे आरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुचिता और पारदर्शिता आएगी। ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में भी बड़ा सुधार किया गया है।आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार ने बताया कि किसी ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण एक वर्ष से अधिक समय तक नहीं कराया गया है, तो ऐसे मामलों में आवेदक को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। शासन ने सभी ड्राइविंग टेस्ट के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक को ही अधिकृत किया है। वहीं, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के एक वर्ष के भीतर नवीनीकरण कराया जाता है, तो किसी प्रकार का ड्राइविंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी कर दी गई है।
टेस्टिंग सेंटर को टेस्ट के लिए सरकार से तय की गई फीस ली जाएगी। सरकार ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया को अनिवार्य बनाकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए संकल्पित है। निजी स्वामित्व वाले ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र और सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। नई एसओपी के तहत ड्राइविंग टेस्ट देने वाले आवेदकों से यूजर चार्ज लिया जाएगा। गियर वाली और बिना गियर की मोटरसाइकिल के लिए 50 रुपये, हल्के मोटर वाहन के लिए 100 रुपये और भारी मोटर वाहन के लिए 200 रुपये शुल्क तय किया गया है।
जिन मामलों में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि एक वर्ष से अधिक समय से समाप्त हो चुकी है, वहां ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। आवेदन के समय एनआईसी से विकसित पोर्टल के माध्यम से आवेदन शुल्क, टेस्ट शुल्क और यूजर चार्ज एक साथ ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। यूजर चार्ज की राशि सीधे संबंधित के खाते में जाएगी। ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया की निगरानी उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली 1998 के तहत संभागीय परिवहन अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी या अधिकृत परिवहन निरीक्षक द्वारा की जाएगी।
यह निगरानी जिले में तैनात सक्षम लाइसेंसिंग प्राधिकारी करेंगे, ताकि टेस्टिंग ट्रैक का सही उपयोग हो और दुरुपयोग न हो। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को जनसेवा केंद्र के संचालकों ने आरटीओ अरुण कुमार से मुलाकात की। उन्होंने आरटीओ को बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में दिकत्तों का सामना करना पड़ता है। रुपये नहीं दो तो ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता। इस दाैरान जनसेवा केंद्र संचालकों ने आरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस पर आरटीओ ने उन्हें समस्या निस्तारण का भरोसा दिलाया।
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