Agra News: वन विभाग और वाइल्डलाइफ SOS ने एटा से मगरमच्छ को बचाकर चंबल नदी में छोड़ा

आगरा: वन विभाग और वाइल्डलाइफ SOS रैपिड रिस्पांस यूनिट ने एटा के जलेसर क्षेत्र के अल्लेपुर गांव से चार फुट लंबे मगरमच्छ को सफलतापूर्वक बचाकर आगरा स्थित चंबल नदी में छोड़ा। मगरमच्छ मानव बस्ती में घुस गया था और तालाब में शरण ले ली थी, जिसे देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को तुरंत सूचना दी।

Four-foot crocodile being rescued by Wildlife SOS and UP Forest Department from Etah village, later released in Chambal River
वन विभाग की टीम और वाइल्डलाइफ SOS की तीन सदस्यीय बचाव टीम ने तालाब से पानी निकालने के बाद मगरमच्छ को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला। बचाव अभियान पांच घंटे तक चला, जिसमें जानवर की सुरक्षा और तनाव कम रखने का पूरा ध्यान रखा गया। स्वास्थ्य जांच के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ा गया।
एटा की डीएफओ एवं राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य परियोजना की उप वन संरक्षक चांदनी सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों की समय पर सूचना ने जानवर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। वाइल्डलाइफ
SOS के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि स्थानीय समुदाय, वन विभाग और संगठन के बीच त्वरित समन्वय से बचाव सफल हुआ।
मगरमच्छ
(Crocodylus palustris) दलदली मगरमच्छ कहलाता है और भारत, श्रीलंका, म्यांमार, पाकिस्तान एवं ईरान के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। यह नदियों, झीलों, तालाबों और मानव निर्मित जलाशयों में रहता है और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची के तहत संरक्षित है।

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