Lucknow News: राजभवन पुष्प प्रदर्शनी में यूपी मेट्रो का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ। जनभवन (पूर्व में राजभवन) परिसर में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी 2025 में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) का स्टॉल इस वर्ष भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

Governor Anandiben Patel visiting UP Metro stall at Raj Bhavan Flower Exhibition 2025

प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यूपी मेट्रो के स्टॉल का दौरा किया और वहां प्रदर्शित योजनाओं, परियोजनाओं और पर्यावरणीय पहलों की जानकारी ली। इस अवसर पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, परिचालन निदेशक प्रशांत मिश्रा सहित मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Governor Anandiben Patel visiting UP Metro stall at Raj Bhavan Flower Exhibition 2025

तीन दिवसीय इस पुष्प प्रदर्शनी में यूपी मेट्रो हर वर्ष की भांति इस बार भी सहभागिता कर रही है। यूपीएमआरसी के हार्टीकल्चर विभाग द्वारा तैयार की गई पुष्प सजावट और हरित डिजाइनों को पूर्व वर्षों में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

इस वर्ष पुष्पों से निर्मित भगवान गरुड़ की भव्य आकृति प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई है, जिसने बड़ी संख्या में दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। यूपी मेट्रो के स्टॉल में कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को भी दर्शाया गया है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। 

यूपीएमआरसी ने डिपो, मेट्रो स्टेशनों और प्रशासनिक भवनों में कुल 4 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, जिनमें 3.122 मेगावाट लखनऊ और 1 मेगावाट कानपुर में स्थित हैं। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 48 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत हो रही है।

प्रकृति और हरियाली के प्रति प्रतिबद्धता के तहत यूपी मेट्रो द्वारा विभिन्न परियोजनाओं में अब तक कुल 1.1 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित की जा चुकी है। कानपुर में प्रायोरिटी कॉरिडोर के नौ संचालित एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के नीचे लगभग 35 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट तैयार की गई है

जबकि आगरा में अब तक करीब 1,200 वर्ग मीटर क्षेत्र को हरित रूप दिया जा चुका है। इसके अलावा यूपी मेट्रो प्रतिवर्ष लगभग 2.5 लाख लीटर वर्षा जल संरक्षण की क्षमता भी रखता है। पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत करने के लिए मेट्रो डिपो में जीरो डिस्चार्ज प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत दूषित जल का उपचार कर पुनः उपयोग किया जाता है।

 साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ऑटोमेटिक वेस्ट कंपोस्टिंग मशीन स्थापित की गई है, जिससे तैयार खाद का उपयोग शहर को हरित बनाने में किया जा रहा है। प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने हार्टीकल्चर विभाग की कलात्मक पुष्प प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा। 

कि इस बार की प्रदर्शनी लोगों को लखनऊ मेट्रो के सालभर के सफर की जानकारी देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश मेट्रो की योजनाओं और पर्यावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से भी अवगत करा रही है।

#UPMetro #RajBhavanFlowerExhibition #FlowerExhibition2025 #GovernorVisit #LucknowNews #KanpurMetro #AgraMetro  

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form