आगरा। एनएसएस शिविर में ‘स्टार्ट-अप की महत्ता’ पर कार्यशाला, युवाओं को मिला उद्यमिता का मंत्र—डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देशन में पालीवाल पार्क परिसर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत ‘स्टार्ट-अप की महत्ता’ विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विवेकानन्द इन्क्यूबेशन सेंटर, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से योगेश तोमर उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप के क्षेत्र में नए और व्यवहारिक विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा विचार जिसे व्यवहारिक रूप से विकसित किया जा सकता है, उसे स्टार्ट-अप का रूप देने के लिए विवेकानन्द इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा पूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
योगेश तोमर अपने साथ उन विद्यार्थियों को भी लेकर आए जिन्होंने अपने स्टार्ट-अप से संबंधित वेबसाइट एवं एप्लीकेशन विकसित कर ली हैं और इसी माह अपने स्टार्ट-अप को लॉन्च करने जा रहे हैं। इस अवसर पर बीसीए के छात्र तनमय शर्मा द्वारा तैयार की गई वेबसाइट ‘Cyber Yodha Tech LLP’ तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र पुनीत पाल द्वारा विकसित ‘Buddy Campus App’ की जानकारी दी गई। यह एप विद्यार्थियों को नोट्स, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में स्टार्ट-अप युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
डॉ. आयुष मंगल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में नई सोच और तकनीकी कौशल की अपार संभावनाएं हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के स्टार्ट-अप विजन को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से अपने नए विचारों को इन्क्यूबेशन सेंटर से साझा करने का आह्वान किया।
कार्यशाला का समापन विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन, आत्मविश्वास निर्माण और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. आयुष मंगल, डॉ. आभा सिंह, डॉ. भारत सिंह, डॉ. नीरज कुशवाह, नम्रता तोमर एवं आयुष कुमार शुक्ला सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आज का विद्यार्थी केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार के माध्यम से भविष्य का निर्माता बन सकता है और स्टार्ट-अप संस्कृति युवाओं को सशक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
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